आजमगढ़: 'नई किरण' ने बचाया टूटता परिवार, दहेज प्रताड़ना भुलाकर फिर एक हुए पति-पत्नी
आजमगढ़ (द पब्लिक एक्सप्रेस)। छोटी-छोटी बातों या दहेज की मांग को लेकर टूटते परिवारों को जोड़ने के लिए आजमगढ़ पुलिस की पहल 'नई किरण' वरदान साबित हो रही है। मिशन शक्ति 5.0 के तहत महिला थाना परिसर में आयोजित परिवार परामर्श केंद्र की बैठक में पुलिस ने अपनी सूझबूझ से एक बिखरते परिवार को टूटने से बचा लिया।वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. अनिल कुमार के निर्देशन में आयोजित इस बैठक में कुल 5 मामलों की सुनवाई होनी थी। इनमें से 3 मामलों में दोनों पक्ष उपस्थित हुए। काउंसलर्स और पुलिस टीम ने घंटों की बातचीत और समझाइश के बाद एक जोड़े के बीच समझौता कराने में सफलता हासिल की।क्या था मामला?सुमन सिंह (पत्नी अजय कुमार सिंह), निवासी ग्राम कनेरी, थाना सादात (जनपद गाजीपुर) का अपने पति से विवाद चल रहा था। सुमन का आरोप था कि कम दहेज के कारण उसका पति उसके साथ मारपीट करता है और उसे घर से निकाल दिया है। मामला पुलिस के पास पहुंचा तो इसे 'नई किरण' (परिवार परामर्श प्रकोष्ठ) को सौंपा गया।यहां काउंसलर्स ने दोनों पक्षों की बातें सुनीं और उन्हें रिश्तों की अहमियत समझाई। लंबी बातचीत के बाद पति-पत्नी ने गिले-शिकवे भुलाकर फिर से साथ रहने का फैसला किया। पुलिस की इस पहल से न केवल एक घर टूटने से बचा, बल्कि पारिवारिक न्यायालयों पर पड़ने वाला मुकदमों का बोझ भी कम हुआ।बैठक के दौरान 2 अन्य फाइलों को अलग-अलग कारणों से बंद कर दिया गया। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि उनका प्रयास है कि पारिवारिक विवाद थाने या कोर्ट-कचहरी में उलझने के बजाय आपसी सहमति से सुलझ जाएं।