आजमगढ़ (The Public Express डेस्क):
ठगी करने के लिए जालसाज अब किस हद तक गिर सकते हैं, इसका जीता-जागता सबूत मुबारकपुर थाना क्षेत्र में देखने को मिला। यहाँ एक पिता को अपने दो बेरोजगार बेटों की नौकरी लगवाने का सपना इतना महंगा पड़ा कि उसने अपनी जिंदगी भर की 20 लाख 39 हजार रुपये की पूंजी गंवा दी।
हैरानी की बात यह है कि ठगों ने परिवार का भरोसा जीतने के लिए बेटे के खाते में 'पहली सैलरी' के तौर पर 21,500 रुपये भी भेज दिए, ताकि उन्हें शक न हो। अब डीजीपी (DGP) के आदेश पर पुलिस ने एक महिला समेत 7 शातिर जालसाजों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है।
जाल में कैसे फंसा पीड़ित परिवार?
मुबारकपुर थाना क्षेत्र के ग्राम आदमपुर निवासी रामप्रसाद चौहान ने पुलिस को दी गई तहरीर में बताया कि वे अपने पुत्र अभय चौहान और रोशन चौहान के लिए रोजगार तलाश रहे थे। इसी दौरान उनकी मुलाकात बलिया के सुमित कुमार (निवासी चक हपसापुर, भीमपुरा) से हुई।
सुमित ने खुद को 'पहुंच वाला' बताते हुए रामप्रसाद की मुलाकात मऊ के दोहरीघाट निवासी रोशन कुमार और नीलेश कुमार के अलावा आदित्य सिंह से कराई। इन सबने मिलकर एक साजिश रची और दोनों बेटों को सरकारी विभाग में पक्की नौकरी दिलाने का झांसा दिया।
देवरिया में कैश और ऑनलाइन वसूली
ठगों ने किस्तों में पैसे ऐंठने शुरू किए। रामप्रसाद के मुताबिक:
- 8 लाख रुपये कैश: देवरिया बुलाकर नकद दिए गए।
- 12.39 लाख ऑनलाइन: यूनियन बैंक और एक्सिस बैंक खातों से PhonePe के जरिए अलग-अलग तारीखों पर सुष्मिता कुमारी और सुनील कुमार खरवार के खातों में ट्रांसफर किए गए।
- कुल मिलाकर 20 लाख 39 हजार रुपये ठगों के हवाले कर दिए गए।
सबसे बड़ा धोखा: 'फर्जी सैलरी' भेजकर जीता विश्वास
इस ठगी की कहानी में सबसे चौंकाने वाला मोड़ तब आया जब परिवार को शक होने लगा। ठगों ने भरोसा बनाए रखने के लिए 11 जुलाई 2025 को अभय चौहान के खाते में 21,500 रुपये NEFT के जरिए भेज दिए और कहा कि यह उनकी "सैलरी" है।
परिवार को लगा कि नौकरी पक्की हो गई है। लेकिन महीनों बीत जाने के बाद भी जब कोई नियुक्ति पत्र (Joining Letter) नहीं मिला, तो उनके होश उड़ गए।
पैसे मांगे तो मिली मौत की धमकी
जब रामप्रसाद ने अपनी रकम वापस मांगी, तो आरोपियों ने अपना असली रूप दिखाया। उन्होंने गाली-गलौज करते हुए पूरे परिवार को जान से मारने की धमकी दे डाली। थक-हारकर पीड़ित ने डीजीपी (DGP) को पत्र लिखकर न्याय की गुहार लगाई।
7 लोगों पर FIR दर्ज, पुलिस जाँच में जुटी
डीजीपी के हस्तक्षेप के बाद मुबारकपुर पुलिस ने इस संगठित गिरोह के खिलाफ सुसंगत धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है।
नामजद आरोपी:
- सुमित कुमार (बलिया)
- रोशन कुमार (मऊ)
- नीलेश कुमार (मऊ)
- आदित्य सिंह
- सुष्मिता कुमारी (जिसके खाते में पैसे गए)
- सुनील कुमार खरवार (जिसके खाते में पैसे गए)
- (सिंडिकेट का अन्य सदस्य)
पुलिस का कहना है कि यह एक संगठित गिरोह है जो भोले-भाले लोगों को निशाना बनाता है। बैंक ट्रांजेक्शन की डिटेल खंगाली जा रही है।


