देवारांचल के अग्निकांड व बाढ़ पीड़ितों को राहत दिलाने की मांग, उपजिलाधिकारी सगड़ी को सौंपा ज्ञापन
👤 jitendra yadav
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📅 14 Jul 2026, 02:00 PM
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📍 उत्तर प्रदेश , Azamgarh , सगड़ी
मानिकपुर (रौनापार) के बाढ़ पीड़ित जनकल्याण संस्थान ने उपजिलाधिकारी सगड़ी को ज्ञापन सौंपकर अग्निकांड पीड़ितों को मुआवजा और देवारांचल के बाढ़ प्रभावित लोगों के लिए समय रहते राहत शिविर व आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग की।
आजमगढ़। बाढ़ पीड़ित जनकल्याण संस्थान, मानिकपुर (थाना रौनापार) के पदाधिकारियों ने मंगलवार को उपजिलाधिकारी सगड़ी को दो अलग-अलग ज्ञापन सौंपकर देवारांचल क्षेत्र के अग्निकांड और बाढ़ प्रभावित लोगों को शीघ्र राहत उपलब्ध कराने की मांग की। संस्था ने आरोप लगाया कि अप्रैल में हुए भीषण अग्निकांड के कई पीड़ित परिवार आज भी सरकारी सहायता से वंचित हैं, जबकि बरसात के मौसम में बाढ़ का खतरा भी बढ़ गया है।
संस्थान के पदाधिकारियों ने बताया कि 24 अप्रैल 2026 को भीषण अग्निकांड में रामाश्रय, संजय, सुनील, सुनील कुमार निषाद, सुरेश कुमार निषाद सहित कई परिवारों के घर पूरी तरह जलकर नष्ट हो गए थे। प्रभावित परिवारों ने प्रशासन के समक्ष सहायता के लिए आवेदन भी किया, लेकिन अब तक उन्हें राहत राशि उपलब्ध नहीं कराई गई। संस्था ने मांग की कि सभी पीड़ित परिवारों का सत्यापन कर तत्काल आर्थिक सहायता और अन्य सरकारी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं।
दूसरे ज्ञापन में देवारांचल क्षेत्र में हर वर्ष आने वाली बाढ़ की समस्या का उल्लेख करते हुए सुरक्षित स्थानों पर पहले से राहत शिविर स्थापित करने की मांग की गई। संस्था ने कहा कि बाढ़ आने पर हजारों लोगों को सुरक्षित स्थानों पर शरण लेनी पड़ती है। ऐसे में राहत शिविरों में भोजन, पेयजल, दवाइयों, शौचालय, पशुओं के चारे तथा अन्य आवश्यक सुविधाओं की समुचित व्यवस्था पहले से सुनिश्चित की जाए, ताकि आपदा के समय लोगों को परेशानियों का सामना न करना पड़े।
संस्थान ने उपजिलाधिकारी से दोनों मांगों पर शीघ्र कार्रवाई कर अग्निकांड और बाढ़ प्रभावित परिवारों को राहत उपलब्ध कराने की मांग की। ज्ञापन सौंपने वालों में संस्था के पदाधिकारी और देवारांचल क्षेत्र के कई ग्रामीण मौजूद रहे।
संस्थान के पदाधिकारियों ने बताया कि 24 अप्रैल 2026 को भीषण अग्निकांड में रामाश्रय, संजय, सुनील, सुनील कुमार निषाद, सुरेश कुमार निषाद सहित कई परिवारों के घर पूरी तरह जलकर नष्ट हो गए थे। प्रभावित परिवारों ने प्रशासन के समक्ष सहायता के लिए आवेदन भी किया, लेकिन अब तक उन्हें राहत राशि उपलब्ध नहीं कराई गई। संस्था ने मांग की कि सभी पीड़ित परिवारों का सत्यापन कर तत्काल आर्थिक सहायता और अन्य सरकारी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं।
दूसरे ज्ञापन में देवारांचल क्षेत्र में हर वर्ष आने वाली बाढ़ की समस्या का उल्लेख करते हुए सुरक्षित स्थानों पर पहले से राहत शिविर स्थापित करने की मांग की गई। संस्था ने कहा कि बाढ़ आने पर हजारों लोगों को सुरक्षित स्थानों पर शरण लेनी पड़ती है। ऐसे में राहत शिविरों में भोजन, पेयजल, दवाइयों, शौचालय, पशुओं के चारे तथा अन्य आवश्यक सुविधाओं की समुचित व्यवस्था पहले से सुनिश्चित की जाए, ताकि आपदा के समय लोगों को परेशानियों का सामना न करना पड़े।
संस्थान ने उपजिलाधिकारी से दोनों मांगों पर शीघ्र कार्रवाई कर अग्निकांड और बाढ़ प्रभावित परिवारों को राहत उपलब्ध कराने की मांग की। ज्ञापन सौंपने वालों में संस्था के पदाधिकारी और देवारांचल क्षेत्र के कई ग्रामीण मौजूद रहे।
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