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Image: Death of mother and newborn after operation, illegal hospital sealed; Complaint filed against the op...
स्वास्थ्य

ऑपरेशन के बाद प्रसूता और नवजात की मौत, अवैध अस्पताल सील; संचालक के खिलाफ पुलिस को तहरीर

👤 jitendra yadav | 📅 13 Jul 2026, 07:24 PM | 👁️ 118 Views | 📍 उत्तर प्रदेश , Azamgarh , सगड़ी

बिलरियागंज के एक अवैध निजी अस्पताल में ऑपरेशन के बाद प्रसूता और नवजात की मौत हो गई। जांच में अस्पताल बिना पंजीकरण संचालित मिला, जिसके बाद स्वास्थ्य विभाग ने उसे सील कर संचालक के खिलाफ पुलिस को तहरीर दी।

बिलरियागंज (आजमगढ़)। बिलरियागंज कस्बे के महाराजगंज रोड स्थित एक निजी अस्पताल में ऑपरेशन के बाद प्रसूता और नवजात की मौत के मामले में स्वास्थ्य विभाग ने बड़ी कार्रवाई करते हुए अस्पताल को सील कर दिया है। जांच में अस्पताल बिना पंजीकरण संचालित पाया गया। निरीक्षण के दौरान न तो कोई योग्य चिकित्सक मौजूद मिला और न ही अस्पताल संचालक आवश्यक अभिलेख प्रस्तुत कर सका। मामले में अस्पताल संचालक के खिलाफ कानूनी कार्रवाई के लिए पुलिस को तहरीर दे दी गई है।

जानकारी के अनुसार, शाहडीह निवासी कौशल्या देवी पत्नी मनीष साहनी को 12 जुलाई को प्रसव पीड़ा होने पर परिजनों ने बिलरियागंज स्थित राजेश हॉस्पिटल में भर्ती कराया था। परिजनों का आरोप है कि अस्पताल में विनोद मौर्य द्वारा ऑपरेशन किया गया, जिसके बाद एक बच्ची का जन्म हुआ। जन्म के कुछ समय बाद ही नवजात की मौत हो गई। वहीं रात में प्रसूता की तबीयत अचानक बिगड़ने पर अस्पताल कर्मियों ने उसे आजमगढ़ के हायर सेंटर रेफर कर दिया, जहां चिकित्सकों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया।

घटना के बाद परिजनों में आक्रोश फैल गया। उन्होंने अस्पताल प्रशासन पर इलाज में लापरवाही और अवैध रूप से अस्पताल संचालित करने का आरोप लगाते हुए पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया और मामले की जांच शुरू कर दी। थाना प्रभारी अमित कुमार मिश्रा ने बताया कि परिजनों की तहरीर मिलने पर मुकदमा दर्ज कर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. एन.आर. वर्मा के निर्देश पर 13 जुलाई को उप मुख्य चिकित्साधिकारी एवं निजी चिकित्सा प्रतिष्ठान के नोडल अधिकारी डॉ. आलेन्द कुमार तथा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बिलरियागंज के अधीक्षक डॉ. सतीश चन्द की संयुक्त टीम ने अस्पताल का औचक निरीक्षण किया। जांच के दौरान अस्पताल का पंजीकरण, चिकित्सकों की योग्यता संबंधी दस्तावेज और अन्य आवश्यक अभिलेख उपलब्ध नहीं कराए जा सके। साथ ही अस्पताल में कोई वैध एवं पंजीकृत चिकित्सक भी मौजूद नहीं मिला। गंभीर अनियमितताएं पाए जाने पर टीम ने तत्काल अस्पताल को सील कर दिया।

मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. एन.आर. वर्मा ने बताया कि अस्पताल संचालक एवं अन्य जिम्मेदार लोगों के विरुद्ध नियमानुसार कानूनी कार्रवाई के लिए बिलरियागंज थाना में तहरीर दी गई है। उन्होंने कहा कि जनपद में बिना पंजीकरण और बिना योग्य चिकित्सकों के संचालित अस्पतालों के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा। मरीजों की जान से खिलवाड़ करने वालों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

सीएमओ ने जनपदवासियों से अपील करते हुए कहा कि किसी भी निजी अस्पताल में इलाज या ऑपरेशन कराने से पहले उसके पंजीकरण और वहां कार्यरत चिकित्सकों की योग्यता की जानकारी अवश्य कर लें। यदि कहीं अवैध अस्पताल संचालित होने की सूचना मिले तो इसकी जानकारी तत्काल स्वास्थ्य विभाग या निकटतम सरकारी स्वास्थ्य केंद्र को दें, ताकि समय रहते आवश्यक कार्रवाई की जा सके।

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