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आजमगढ़: 2020 के उस 'खौफनाक' कांड के दरिंदे को ताउम्र जेल, ऑपरेशन कनविक्शन' के चक्रव्यूह में फंसा कातिल

📅 20 Mar 2026, 12:09 👁️ 2 व्यूज

आजमगढ़। कानून के हाथ लंबे होते हैं और इंसाफ की चक्की भले ही धीरे चले, लेकिन पीसती बहुत बारीक है। आजमगढ़ की अदालत ने शुक्रवार को इसकी एक और नजीर पेश की है। जनपद के मुबारकपुर थाना क्षेत्र में करीब साढ़े पांच साल पहले हुई एक युवती के साथ दरिंदगी और उसकी हत्या के मामले में मा0 न्यायालय ने ऐतिहासिक फैसला सुनाते हुए अभियुक्त शुभम गौड़ को आजीवन कारावास (मरते दम तक जेल) की कठोर सजा सुनाई है।

अपर सत्र न्यायाधीश/एफटीसी-1 की अदालत ने न केवल अभियुक्त को दोषी करार दिया, बल्कि उस पर 1,20,000 रुपये का भारी-भरकम अर्थदण्ड (जुर्माना) भी लगाया है। 2020 का वो मंजर: बहला-फुसलाकर भगाया और फिर उजाड़ दी दुनिया यह मामला 17 अगस्त 2020 का है, जब मुबारकपुर थाना क्षेत्र निवासी एक व्यक्ति ने अपनी बेटी की गुमशुदगी और अपहरण की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। आरोप था कि बनकट जगदीशपुर (थाना कप्तानगंज) निवासी शुभम गौड़ उनकी पुत्री को बहला-फुसलाकर भगा ले गया। बाद में जांच में खुलासा हुआ कि आरोपी ने न केवल पीड़िता के साथ दुष्कर्म किया, बल्कि साक्ष्य मिटाने और अपनी पहचान छुपाने के लिए उसकी निर्मम हत्या कर दी। पुलिस ने इस मामले में मु0अ0सं0-158/2020 के तहत हत्या (302), दुष्कर्म (376) और अपहरण (366) सहित अन्य गंभीर धाराओं में केस दर्ज किया था। 'ऑपरेशन कनविक्शन' और पुलिस की वो सटीक पैरवी वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) डॉ. अनिल कुमार के नेतृत्व में इस केस को शासन की प्राथमिकता वाले 'ऑपरेशन कनविक्शन' अभियान में शामिल किया गया था। यह सजा पुलिस की गुणवत्तापूर्ण विवेचना का परिणाम है। अभियोजन पक्ष और मॉनिटरिंग सेल ने कोर्ट के समक्ष 11 गवाहों को पेश किया। गवाहों के अटूट बयानों और पुलिस द्वारा जुटाए गए वैज्ञानिक साक्ष्यों ने आरोपी के बचने के सारे रास्ते बंद कर दिए। कोर्ट का कड़ा रुख: दरिंदे को मिली 'उम्रकैद' दिनांक 20.03.2026 को अदालत ने दोनों पक्षों की अंतिम दलीलें सुनने के बाद यह माना कि शुभम गौड़ ने न केवल एक मासूम की जिंदगी छीनी, बल्कि समाज के खिलाफ जघन्य अपराध किया है। न्यायालय ने आरोपी को आजीवन कारावास की सजा सुनाते हुए स्पष्ट संदेश दिया कि महिलाओं के खिलाफ होने वाले अपराधों में कानून किसी भी तरह की रियायत नहीं बरतेगा।

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