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) Azamgarh Big News: खाकी पर दाग... 22 साल बाद मिला इंसाफ, हिरासत में हत्या करने वाले पूर्व थानेदार JK Singh को उम्रकैद
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Azamgarh Big News: खाकी पर दाग... 22 साल बाद मिला इंसाफ, हिरासत में हत्या करने वाले पूर्व थानेदार JK Singh को उम्रकैद

📅 04 Feb 2026, 13:52 👁️ 1 व्यूज
Azamgarh Big News खाकी की आड़ में अपराध करने वालों को कानून ने 22 साल बाद करारा जवाब दिया है। आजमगढ़ जिला एवं सत्र न्यायालय ने बुधवार को एक ऐतिहासिक फैसला सुनाते हुए रानी की सराय थाने के तत्कालीन थानाध्यक्ष (SHO) जेके सिंह (जय प्रकाश सिंह) को हिरासत में हत्या (Custodial Death) का दोषी करार दिया है। अदालत ने दोषी पूर्व थानेदार को आजीवन कारावास (Life Imprisonment) और 1 लाख रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई है। यह फैसला जिला एवं सत्र न्यायाधीश जय प्रकाश पांडेय की कोर्ट ने सुनाया। क्या था 22 साल पुराना वह काला सच? घटना 29 मार्च 2003 की है। रानी की सराय थाने की पुलिस ने FCI कर्मचारी हरिलाल यादव को महज एक बैटरी चोरी के आरोप में गिरफ्तार किया था। मृतक के पुत्र जितेंद्र, जिन्होंने इस मामले में लंबी कानूनी लड़ाई लड़ी, ने बताया कि जब वह रात में अपने पिता के लिए हवालात में खाना लेकर पहुंचे, तो वहां का मंजर खौफनाक था। जितेंद्र की एफआईआर के मुताबिक, "तत्कालीन थाना प्रभारी जेके सिंह ने ललकारा, जिसके बाद हेड कांस्टेबल नरेंद्र बहादुर सिंह ने हवालात के अंदर ही मेरे पिता हरिलाल यादव को गोली मार दी। उनकी मौके पर ही मौत हो गई।" पुलिस ने की थी लीपापोती की कोशिश शुरुआत में पुलिस ने खुद को बचाने के लिए कहानी रची और केवल हेड कांस्टेबल नरेंद्र बहादुर सिंह के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया। लेकिन मृतक के बेटे जितेंद्र ने हार नहीं मानी और नगर कोतवाली में तत्कालीन थानेदार जेके सिंह को भी नामजद करते हुए एफआईआर दर्ज कराई। मामले की गंभीरता को देखते हुए 6 महीने बाद, वर्ष 2003 में ही जांच सीबीसीआईडी (CBCID) को सौंप दी गई थी। सीबीसीआईडी ने लंबी जांच के बाद फरवरी 2005 में न्यायालय में चार्जशीट दाखिल की। एक आरोपी की हो चुकी है मौत इस जघन्य हत्याकांड में दो पुलिसकर्मी मुख्य आरोपी थे। गोली चलाने वाले हेड कांस्टेबल नरेंद्र बहादुर सिंह की मुकदमे की सुनवाई (ट्रायल) के दौरान वर्ष 2017 में मौत हो चुकी है। अब मुख्य षड्यंत्रकारी और आदेश देने वाले तत्कालीन थानेदार जेके सिंह को सजा सुनाई गई है। कोर्ट का फैसला: गुनाह और सजा लगभग 22 साल तक चली सुनवाई के बाद बुधवार को कोर्ट ने दूध का दूध और पानी का पानी कर दिया। कोर्ट ने जेके सिंह को दोषी मानते हुए आजीवन कारावास और ₹1 लाख के जुर्माने की सजा सुनाई। इसके अलावा, गाली देने के मामले में 1 साल का सश्रम कारावास और ₹5,000 का अतिरिक्त अर्थदंड लगाया गया है।

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