राजनीति
लछिया गांव में बहुजन भारत का प्रबुद्ध जन सम्मेलन आयोजित, संविधान और सामाजिक न्याय पर हुआ मंथन
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📅 27 Jul 2026, 06:53 AM
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📍 Azamgarh
मुख्य अतिथि पूर्व प्रमुख सचिव (गृह) कुंवर फतेह बहादुर ने संविधान विरोधी ताकतों से सतर्क रहने की अपील करते हुए समाज में एकता, भाईचारा और संवैधानिक मूल्यों को मजबूत करने का आह्वान किया।
मुख्य अतिथि पूर्व प्रमुख सचिव (गृह) कुंवर फतेह बहादुर ने संविधान विरोधी ताकतों से सतर्क रहने की अपील करते हुए समाज में एकता, भाईचारा और संवैधानिक मूल्यों को मजबूत करने का आह्वान किया।
आजमगढ़। सामाजिक संस्था बहुजन भारत के तत्वावधान में रविवार को सगड़ी विधानसभा क्षेत्र के अजमतगढ़ ब्लॉक के लछिया गांव में प्रबुद्ध जन सम्मेलन एवं विचार गोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में बुद्धिजीवियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं एवं क्षेत्र के गणमान्य लोगों ने भाग लिया।
मुख्य अतिथि सेवानिवृत्त आईएएस एवं उत्तर प्रदेश के पूर्व प्रमुख सचिव (गृह) कुंवर फतेह बहादुर ने अपने संबोधन में कहा कि भारत का संविधान केवल एक कानूनी दस्तावेज नहीं, बल्कि सामाजिक परिवर्तन का सशक्त माध्यम है। उन्होंने कहा कि संविधान ने अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, पिछड़े वर्गों एवं अल्पसंख्यकों के सर्वांगीण विकास के लिए ऐतिहासिक और दूरदर्शी व्यवस्था प्रदान की है।
उन्होंने अपने वक्तव्य में संविधान विरोधी ताकतों से सावधान रहने की अपील करते हुए कहा कि कुछ शक्तियां समाज को आपस में लड़ाकर अपना स्वार्थ सिद्ध करती हैं। ऐसे लोगों से सतर्क रहने और संविधान की मूल भावना के अनुरूप सामाजिक सद्भाव, समानता तथा भाईचारा बनाए रखने की आवश्यकता है।
कार्यक्रम में संविधान की प्रस्तावना, सामाजिक न्याय, लोकतांत्रिक मूल्यों और बहुजन समाज के उत्थान जैसे विषयों पर विस्तार से विचार-विमर्श किया गया।
कार्यक्रम में प्रमुख रूप से मुन्नीलाल संयोजक, देवचंद राम उप सचिव LDA, राजबली, जीएस प्रियदर्शी, रामनवल अनिरुद्ध राजकुमार सहित अनेक गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
आजमगढ़। सामाजिक संस्था बहुजन भारत के तत्वावधान में रविवार को सगड़ी विधानसभा क्षेत्र के अजमतगढ़ ब्लॉक के लछिया गांव में प्रबुद्ध जन सम्मेलन एवं विचार गोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में बुद्धिजीवियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं एवं क्षेत्र के गणमान्य लोगों ने भाग लिया।
मुख्य अतिथि सेवानिवृत्त आईएएस एवं उत्तर प्रदेश के पूर्व प्रमुख सचिव (गृह) कुंवर फतेह बहादुर ने अपने संबोधन में कहा कि भारत का संविधान केवल एक कानूनी दस्तावेज नहीं, बल्कि सामाजिक परिवर्तन का सशक्त माध्यम है। उन्होंने कहा कि संविधान ने अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, पिछड़े वर्गों एवं अल्पसंख्यकों के सर्वांगीण विकास के लिए ऐतिहासिक और दूरदर्शी व्यवस्था प्रदान की है।
उन्होंने अपने वक्तव्य में संविधान विरोधी ताकतों से सावधान रहने की अपील करते हुए कहा कि कुछ शक्तियां समाज को आपस में लड़ाकर अपना स्वार्थ सिद्ध करती हैं। ऐसे लोगों से सतर्क रहने और संविधान की मूल भावना के अनुरूप सामाजिक सद्भाव, समानता तथा भाईचारा बनाए रखने की आवश्यकता है।
कार्यक्रम में संविधान की प्रस्तावना, सामाजिक न्याय, लोकतांत्रिक मूल्यों और बहुजन समाज के उत्थान जैसे विषयों पर विस्तार से विचार-विमर्श किया गया।
कार्यक्रम में प्रमुख रूप से मुन्नीलाल संयोजक, देवचंद राम उप सचिव LDA, राजबली, जीएस प्रियदर्शी, रामनवल अनिरुद्ध राजकुमार सहित अनेक गणमान्य लोग उपस्थित रहे।