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विश्व जनसंख्या दिवस पर अतरौलिया सीएचसी में परिवार नियोजन का संदेश, आशा कार्यकर्ताओं को किया गया जागरूक
👤 Chandresh
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📅 11 Jul 2026, 05:32 PM
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📍 उत्तर प्रदेश , Azamgarh , बुढ़नपुर
अतरौलिया। विश्व जनसंख्या दिवस के अवसर पर शनिवार को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) अतरौलिया में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का आयोजन ग्रामीण पुनर्निर्माण संस्थान, बिलारी (बढ़या), आजमगढ़ ने स्वास्थ्य विभाग के सहयोग से किया। इस वर्ष विश्व जनसंख्या दिवस की थीम "युवाओं की आशाओं और आकांक्षाओं को साकार करना—आज के लिए और भविष्य के लिए" रही।
कार्यक्रम में ग्रामीण पुनर्निर्माण संस्थान के सचिव राजदेव चतुर्वेदी ने कहा कि संस्था प्रत्येक वर्ष स्वास्थ्य विभाग के समन्वय से जनसंख्या स्थिरता और परिवार नियोजन के प्रति लोगों को जागरूक करने का कार्य करती है। उन्होंने कहा कि उद्देश्य लोगों पर कोई निर्णय थोपना नहीं, बल्कि उन्हें सही जानकारी और परामर्श उपलब्ध कराना है, ताकि वे अपने परिवार और भविष्य से जुड़े निर्णय सोच-समझकर ले सकें।
उन्होंने बताया कि आशा कार्यकर्ताओं के माध्यम से नवविवाहित एवं योग्य दंपत्तियों तक परिवार नियोजन का संदेश पहुंचाया जा रहा है। इस दौरान विवाह की उचित आयु, पहले बच्चे में विलंब, दो बच्चों के बीच पर्याप्त अंतराल तथा छोटे एवं स्वस्थ परिवार के महत्व पर विस्तार से जानकारी दी गई। उन्होंने कहा कि स्वस्थ और शिक्षित परिवार ही विकसित समाज और सशक्त राष्ट्र की आधारशिला हैं। चिकित्सा अधिकारियों ने आशा बहुओं, संगिनियों और अन्य स्वास्थ्य कर्मियों को सरकार द्वारा संचालित परिवार नियोजन कार्यक्रमों और उपलब्ध निःशुल्क सेवाओं की जानकारी दी। उन्होंने स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं से गांव-गांव जाकर लोगों को जागरूक करने और अधिक से अधिक पात्र दंपत्तियों तक सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाने का आह्वान किया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में आशा बहुएं, संगिनियां, एएनएम और नर्सिंग छात्राएं उपस्थित रहीं। सभी ने परिवार नियोजन और जनसंख्या स्थिरता का संदेश घर-घर तक पहुंचाने का संकल्प लिया।
कार्यक्रम में ग्रामीण पुनर्निर्माण संस्थान के सचिव राजदेव चतुर्वेदी ने कहा कि संस्था प्रत्येक वर्ष स्वास्थ्य विभाग के समन्वय से जनसंख्या स्थिरता और परिवार नियोजन के प्रति लोगों को जागरूक करने का कार्य करती है। उन्होंने कहा कि उद्देश्य लोगों पर कोई निर्णय थोपना नहीं, बल्कि उन्हें सही जानकारी और परामर्श उपलब्ध कराना है, ताकि वे अपने परिवार और भविष्य से जुड़े निर्णय सोच-समझकर ले सकें।
उन्होंने बताया कि आशा कार्यकर्ताओं के माध्यम से नवविवाहित एवं योग्य दंपत्तियों तक परिवार नियोजन का संदेश पहुंचाया जा रहा है। इस दौरान विवाह की उचित आयु, पहले बच्चे में विलंब, दो बच्चों के बीच पर्याप्त अंतराल तथा छोटे एवं स्वस्थ परिवार के महत्व पर विस्तार से जानकारी दी गई। उन्होंने कहा कि स्वस्थ और शिक्षित परिवार ही विकसित समाज और सशक्त राष्ट्र की आधारशिला हैं। चिकित्सा अधिकारियों ने आशा बहुओं, संगिनियों और अन्य स्वास्थ्य कर्मियों को सरकार द्वारा संचालित परिवार नियोजन कार्यक्रमों और उपलब्ध निःशुल्क सेवाओं की जानकारी दी। उन्होंने स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं से गांव-गांव जाकर लोगों को जागरूक करने और अधिक से अधिक पात्र दंपत्तियों तक सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाने का आह्वान किया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में आशा बहुएं, संगिनियां, एएनएम और नर्सिंग छात्राएं उपस्थित रहीं। सभी ने परिवार नियोजन और जनसंख्या स्थिरता का संदेश घर-घर तक पहुंचाने का संकल्प लिया।
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